मिर्च महोत्सव / कृषि मंत्री बोले - किसान जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाएं, अब फसल चिह्नित कर खेती करने की जरूरत

खरगोन. प्रदेश के कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री सचिन यादव ने शनिवार को कसरावद में आयोजित हो रहे दो दिवसीय चिली फेस्टिवल और विशाल प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि आधारित उद्योगों की आवश्यकताओं और जरूरतों की पूर्ति केवल किसान कर सकता है। इस दो दिनी चिली फेस्टिवल में किसान उद्योगों की आवश्यकताओं को समझें और उनकी मांग पूरी करने की तकनीक इस चिली फेस्टिवल के माध्यम से वैज्ञानिकों से सीखें और समझें।


उन्होंने कहा कि किसान जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाएं, अब फसल चिह्नित कर खेती करने की जरूरत है। सरकार कृषि को नए परिप्रेक्ष्य में देख रही है। सरकार ने कृषि फसलों को चिन्हांकित करके उन पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। अब सरकार कृषि की संरचनाएं, बाजार और खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में बढ़ चुका है। कृषि के क्षेत्र में निवेश के नए रास्ते सामने आ रहे है। इसके अलावा कृषि फसल के भंडारण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है। कृषि से जुड़ी तमाम संरचनाओं की व्यवस्थाएं जुटाने के लक्ष्य तय किए है। जब तक किसान कृषि की नवीन तकनीकों और बाजार तथा उद्योगों की आवश्यकताओं को नही समझेगा। किसान को कृषि की नवीन तकनीकों का माईंड सेट तैयार करना होगा। इस दिशा में चिली फेस्टिवल और मक्का महोत्सव महत्वपूर्ण साबित होंगे। इस दौरान एसपी सुनील पांडेय, जिला पंचायत सीईओ डीएस रणदा, एसडीएम नेहा शिवहरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे।



उद्देश्य किसानों की मेहनत और परिश्रम को साधन तथा संसाधन देना
कृषि मंत्री यादव ने कहा की उद्देश्य यही है कि मेहनतकश किसानों के परिश्रम को नया आयाम देना है। किसान इस भव्य फेस्टिवल में वैज्ञानिकों से चर्चा कर वायरस या अन्य कृषि की जरूरतों पर बात करें, समझे यह अवसर है कृषि ज्ञान का। कृषि मंत्री श्री यादव ने किसानों से कहा कि ज्यादा उत्पादन में हमारी भूमि के स्वास्थ्य का भी पूरा पूरा धयान रखे और बराबर उसकी उत्पादकता शक्ति को जाने। खेती की उत्पादकता के लिए अब जैविक खेती के लिए अच्छा समय आ गया है। इस फेस्टिवल को किसान की जरूरत के अनुसार ही आयोजित किया गया है। यहां से बहुत कुछ जाना और समझा जा सकता है। किसान आपस में जुड़े और एक ही किस्म की उपज ले। यदि आप लोगों के पास किसी कंपनी की जरूरत के मुताबिक उपज और क्वालिटी है, तो कंपनी आपके पास आएगी और आपसे उपज खरीदने के लिए मजबुर होगी।



विशाल प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया
कृषि मंत्री श्री यादव ने आयोजन स्थल पर ही विशाल कृषि प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया। इस प्रदर्शनी में देश की उन तमाम कंपनियों ने स्टॉल लगाए है, जो कृषि के क्षेत्र में बड़ा नाम और मकाम रखती है। यहां किसानों ने न सिर्फ अच्छी क्वालिटी के खाद-बीज, कीटनाशकों को जाना, बल्कि नई-नई वैराईटियों के लिए कंपनियों के प्रस्तावों पर भी चर्चा कर रहे है। किसान इस प्रदर्शनी में उन यंत्रों को भी देख और उनके उपयोग को भी समझ रहे है, जिनकी आज आवश्यकता होने लगी है। दो दिवसीय चिली फेस्टिवल में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरुण यादव, भगवानपुरा विधायक श्री केदार डावर, बड़वाह विधायक श्री सचिन बिरला, मांधाता विधायक श्री नारायण पटेल और नेपानगर विधायक श्रीमती सुमित्रा कास्डेकर एवं कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड ने भी संबोधित किया।


खरगोन के पर्यटन पर आधारित सीडी का हुआ विमोचन
दो दिवसीय चिली फेस्टिवल के दौरान कृषि मंत्री श्री यादव सहित अन्य विधायकों, अधिकारियों व वैज्ञानिकों ने खरगोन के पर्यटन पर आधारित सीड़ी और उद्यानिकी विभाग द्वारा मिर्च को लेकर विभिन्न प्रकार की पुस्तिकाओं का विमोचन किया। कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान उद्यानिकी आयुक्त एम. काली दुरई ने कार्यक्रम की रूपरेखा तथा विभाग की आगामी प्रारूप के बारे में जानकारी दी।



निमाड़ का रकबा 65.65 व उत्पादन 54.35 फीसदी
प्रदेश का मिर्च का कुल रकबा 87743 हैक्टेयर में मिर्च बुआई होती है। इसका निमाड़ में 65.57 फीसदी होता है। इसी तरह प्रदेश के कुल मिर्च उत्पादन 2 लाख 18 हजार 307 मैट्रिक टन उत्पादन का 54.35 फीसदी उत्पादन यहां होता है। जबकि प्रदेश में अकेले खरगोन की मिर्च रकबा व उत्पादन भागीदारी 29-29 प्रतिशत है। दूसरे नंबर पर धार है।


सबसे ज्यादा बुआई निमाड़ में



  • जिला रकबा उत्पादन

  • खरगोन 25369 64200

  • धार 18535 25215

  • खंडवा 5439 15229

  • बड़वानी 5182 08291

  • आलीराजपुर 2015 05723

  • निमाड़ 57540 118658

  • प्रदेश में 87743 218307


नोट- (रकबा हैक्टेयर, उत्पादन मैट्रिक टन में)



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