भोपाल: लाे फ्लाेर बसों में जेबकटी की रोज 10-12 वारदात; कैमरों से सिर्फ रिकाॅर्डिंग, मॉनीटरिंग नहीं

भाेपाल . अगर आप लाे फ्लाेर बसाें में सफर करते हैं ताे सावधान हाे जाएं, इन दिनाें बसाें में जेबकट गिराेह सक्रिय हैं। ये गिराेह हर दिन 10 से 12 वारदाताें काे अंजाम दे रहे हैं। लेकिन, भाेपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) की ओर से बसाें में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे सिर्फ रिकाॅर्डिंग ही कर रहे हैं। लाइव माॅनिटरिंग नहीं हाेने से ये वारदातें नहीं रुक रही हैं। तीन दिनाें में 10 से ज्यादा शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ये ताे वाे मामले हैं जिनमें पीड़िताें ने शिकायत की। अधिकांश लाेग पर्स में पैसे कम हाेने पर शिकायत करने अागे ही नहीं आते हैं।



पीछे टंगे बैग ही निशाने पर : जेबकटाें के निशाने पर छात्र और छात्राएं रहते हैं। खासकर वाे छात्राएं जाे बेग पीठ पर टांग कर चलती हैं। जेबकट ऐसी छात्राओं पर नजर रखना शुरू कर देते हैं। स्टाॅप अाने से पहले जैसे ही छात्राएं खड़ी हाेती हैं एक से ज्यादा तादाद में बस में सवार जेबकट उसके पीछे हाे जाते हैं। एक जेबकट पीठ पर टंगे बेग से पर्स निकालता और पीछे माैजूद अपने साथी काे दे देता है। माैका पाकर दाेनाें जेबकट बस से उतर जाते हैं।


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ये रूट सबसे ज्यादा निशाने पर : एसआर-1, एसआर-2, एसआर-4, एसआर-5, एसआर-8, टीआर-1, टीआर-4एसी, टीआर-4बी, 304, 307 और 311


यहां रखें सावधानी : हबीबगंज से बाेर्ड ऑफिस, एमपी नगर से बिट्टन मार्केट और काेलार,  न्यू मार्केट से नेहरू नगर, अल्पना तिराहे से अप्सरा टाॅकीज, नादरा बस स्टैंड से कराेंड चाैराहा। 


इस समय ज्यादा आशंका सुबह 9 से 11.30 बजे, दाेपहर 2 से 3.30 बजे, शाम 5 से 9 बजे।


यहां करें शिकायत : जेबकटी की वारदात के बाद बीसीएलएल के काॅल सेंटर 9562399666 पर शिकायत कर सकते हैं। यहां टिकिट व रूट नंबर, बताने पर वारदात से अाधा घंटे पहले अाैर अाधा घंटे बाद का फुटेज उपलब्ध कराया जाता है। 


10 फीसदी से ज्यादा बसों में बंद हैं कैमरे
सुरक्षा के नाम पर सभी 287 बसाें में कैमरे लगाए गए हैं। लेकिन, इनमें सिर्फ वीडियाें रिकाॅर्डिंग ही हो रही है। 25-30 बसाें के कैमरे बंद हैं। यह स्थिति तब है जब बीसीएलएल ने सीसीटीवी कैमराें के मेंटेनेंस के लिए प्राइवेट कंपनी से कांट्रेक्ट किया हुआ है।


 
डरते हैं कंडक्टर
अधिकांश कंडक्टर को पता होता है कि काैन जेबकट है? वे किस वक्त, किस इलाके से बस में सवार हाेंगे? किन इलाकाें में वारदात करके उतरेंगे? लेकिन, वे जेबकटाें की दहशत के चलते चुप्पी साधे रहते हैं।


सीधी बात


सवाल : लाे फ्लाेर में जेबकट आए दिन वारदाताें काे अंजाम दे रहे हैं?
जवबा : मेरी जानकारी में है, इसका हल निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सवाल : बसाें में लगे सीसीटीवी कैमरे सिर्फ रिकाॅर्डिंग कर रहे हैं?
जवबा : सीसीटीवी की रिकाॅर्डिंग से वारदात की पुष्टि अाैर अाराेपियाें की पहचान हाेती है।
सवाल : लाइव माॅनिटरिंग की व्यवस्था की जाए ताे वारदाताें काे राेका जा सकता है?
जवबा : सीसीटीवी कैमरे का नेटवर्क है, इससे लाइव माॅनीटरिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा।