राशन कार्ड में थे गरीब, सर्वे में तीन मंजिला आलीशान बंगला, चार पहिया वाहन मिले

खंडवा.संपन्न हाेकर भी गरीबाें का राशन अाैर अन्य शासकीय याेजनाओं का फायदा लेने वाले 22 हजार उपभाेक्ता राशन कार्ड सर्वे में पकड़े गए। अफसरों के मुताबिक अब तक के सर्वे में 11 हजार उपभोक्ताओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की पात्रता सूची से बाहर किया जाएगा। जब खाद्य विभाग के अफसर, तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारियाें ने सर्वे किया ताे इन गरीबाें के अालीशान बंगले मिले, घर के बाहर दाेपहिया, चार पहिया वाहन मिले। कुछ सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी थे जाे कई सालाें से गरीबाें के हक का राशन लेते मिले।



सार्वजिनक वितरण प्रणाली के तहत जिले के 2.40 लाख उपभाेक्ताओं के सर्वे का काम जनवरी के पहले सप्ताह से किया जा रहा है। ग्राम पंचायताें में यह काम जनपद पंचायत व शहरी क्षेत्र में तहसीलदार व अनुविभागीय अधिकारियाें द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, राशन दुकानदार आदि से कराया जा रहा है। इनमें से अब तक 2.13 लाख उपभाेक्ताओं का सर्वे किया जा चुका है। सर्वे में 11 हजार उपभाेक्ता ऐसे मिले जाे आलीशान बंगलाें में रह रहे हैं, उनके घर की दुकानें, व्यवसाय है। घर पर चार पहिया वाहन है। यही नहीं सर्वे के बाद सत्यापन में कुछ ऐसे सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी मिले जाे गरीब बनकर बरसाें से कंट्राेल दुकानाें से सस्ता राशन ले रहे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार सर्वे पूरा हाेने तक करीब 22 हजार उपभाेक्ता गरीबाें की पात्रता सूची से बाहर हाे जाएंगे।


फर्जी राशन कार्ड बनाने वालाें काे ही साैंपा काम
जिले की कंट्राेल दुकानाें से गरीब, अति गरीब, एपीएल, अंत्याेदय, कर्मकार मंडल, श्रमिक सहित 24 कैटेगरी के लाेगाें काे राशन मिलता है। इनमें से सबसे अधिक संख्या बीपीएल राशन कार्डधारियाें की है। ऐसे में जिला प्रशासन ने इनमें से पात्र और अपात्र हितग्राहियाें काे सूची से बाहर करने की जिम्मेदारी उन्हें दी जिन्हाेंने पूर्व में यह राशन कार्ड बनाए थे। विभाग के अनुसार सर्वे में 11 हजार उपभाेक्ता अपात्र हाेना दर्शाता है कि इनके द्वारा ही फर्जी राशनकार्ड बनाए गए थे।


सर्वे में जिला संभाग में दूसरे स्थान पर, प्रदेश में सातवां
21 फरवरी तक जिले के 2.40 लाख गरीब परिवाराें में 2.13 लाख परिवाराें के सर्वे का काम पूरा हाे गया है। सर्वे कार्य में 90 फीसदी के साथ जिला संभाग में दूसरे स्थान पर है। अलीराजपुर पहले स्थान पर है। जबकि प्रदेश काे सातवां स्थान मिला है। कलेक्टर तन्वी सुंद्रियाल ने इसे स्थायी एजेंडे के रूप में लिया और जिला सर्वश्रेष्ठ स्थान पर पहुंच गया। एजेंडे में 15 फीसदी अपात्राें काे बाहर करने का लक्ष्य रखा गया है।


सर्वे : विभाग को इन क्षेत्रों में मिले अमीर
खाद्य आपूर्ति विभाग के अनुसार ग्रामीण क्षेत्राें में हर गांव में लगभग एक से दाे केस ऐसे मिले जो संपन्न होकर भी गरीबों का राशन ले रहे थे, जबकि शहरी क्षेत्र में संजय नगर, सिंघाड़ तलाई, खानशाह वली, रामनगर, हरीगंज, ब्राह्मणपुरी, इमलीपुरा, परदेशीपुरा, बुधवारा, कहारवाड़ी, सहित लगभग हर वार्ड में ऐसे करीब दाे दर्जन से अधिक केस मिले हैं। सर्वे व सत्यापन के बाद जानकारी भाेपाल भेजी गई है। इसी के आधार पर ऐसे उपभाेक्ता पात्रता सूची से बाहर हाे जाएंगे।
 


सत्यापन में 22 हजार उपभाेक्ता अपात्र


अब तक के सर्वे के बाद सत्यापन में 11 हजार उपभाेक्ता ऐसे निकले हैं, जिनके आलीशान बंगले थे, घर के बाहर चार पहिया वाहन थे, दुकानें व खुद का व्यवसाय था। ये गरीबी रेखा की पात्रता से बाहर हाे जाएंगे। आगे के सत्यापन में भी इतने ही उपभाेक्ता भी पात्रता सूची से बाहर हाे जाएंगे।
आरके शुक्ला, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी



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